• राजस्थान से रामस्वरूप रावतसरे की रिपोर्ट


जयपुर: राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा 12 जनवरी को की गई कार्यवाई के दौरान राजस्थान में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया से जुड़े लोगों के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में जाँच एजेंसी ने एसडीपीआई से जुड़े मुबारक के बेटे नौशाद को हिरासत में लिया है। एनआईए ने यह कार्रवाई गुरुवार (12 जनवरी 2022) को की है।

जानकारी के अनुसार, एनआईए ने कोटा के सुभाष नगर में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया से जुड़े मुबारक के घर पर छापेमारी की। वहाँ से एनआईए ने मुबारक के बेटे नौशाद को हिरासत में लिया है। नौशाद सैलून में काम करता है। वहीं, एनआईए को जानकारी मिली थी कि मुबारक कैथून इलाके में रहता है। एजेंसी ने वहाँ भी छापेमारी की। लेकिन, मुबारक हाथ नहीं लगा। मुबारक के घर हुई छापेमारी को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके घर से खुदाई की आवाज आ रही थी। इसके अलावा, एनआईए ने विज्ञान नगर में रह रहे पीएफआई के पूर्व जिलाध्यक्ष साजिद खा के घर पर भी छापेमारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इस छापेमारी में एनआईए को कई संदिग्ध सामग्री मिली है। इस सामग्री के आधार पर यह कहा जा रहा है कि आरोपितों के पीएफआई व एसडीपीआई से संबंध हैं। साथ ही, पीएफआई से फंडिंग मिलने की बात भी कही जा रही है।

PFI और SDPI के 9 ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी (फाइल फोटो)

इस छापेमारी को लेकर एनआईए ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इस विज्ञप्ति में कहा गया है, “राजस्थान के जयपुर और कोटा में चार-चार जगहों पर और सवाई माधोपुर जिले में एक जगह तलाशी ली गई। इसमें, डिजिटल उपकरण (मोबाइल फोन, सिम कार्ड), तेज धार वाले चाकू और आपत्तिजनक सामग्री, साहित्य और पोस्टर जब्त किए गए।”

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है, “एनआईए को जानकारी मिली थी कि पीएफआई के सदस्य सादिक सर्राफ और मोहम्मद आसिफ अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होना बताया गया हैं। इनके भड़काऊ बयान भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुँचा रहे थे।” यही नहीं, यह भी सामने आया है कि आरोपित सादिक सर्राफ और मोहम्मद आसिफ व अन्य अज्ञात लोग साजिश के तहत राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे मुस्लिमों को गैरकानूनी गतिविधियों और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने के लिए कट्टरपंथी बना रहे थे। एनआईए ने यह कार्रवाई साल 2022 में दर्ज हुए एक केस को लेकर की बताई जा रही है।

By VASHISHTHA VANI

हिन्दी समाचार पत्र: Latest India News in Hindi, India Breaking News in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *